Monday, December 14, 2009

बंटवारे की राजनीति

एक बार 1947 में देश बटा जिसका खामियाजा भारत आज तक भुगत रहा है । यदि भारत -पाक के विभाजन न हुआ होता तो आज न कश्मीर मुद्दा होता न आतंकवाद पनपता। नेहरू और जिन्ना के विचारों पर महात्मा गाँधी कि मुहर लगना भारत के लिए नासूर बन गया है । देश के विभाजन के समय सरदार पटेल कितना पापड़ बेलकर देसी रियासतों को भारत में विलय कराए थे क्या इसी दिन के लिए कि इस भारत का तार-तार हो जाए। आज जिस तरह से छोटे राज्यों कि मांग चल रही है उससे तो लगता है कि एक दिन येसा भी आयेगा जब देस का हर जिला प्रदेश बन जाएगा, हर सांसद मुख्यमंत्री बन जाएगा । फिर संसद में केवल बुद्धिजीवी बैठकर तमासा देखेंगे । हर राज्य स्वतंत्रता कि मांग करेगा । तब भारत में कितने पाकिस्तान बनेगे इसका कल्पना नही किया जा सकता । वैसे ही भारत धर्म, जाति,भाषा,संप्रदाय ,गोरे काले अगड़े पिछड़े ,आतंकवाद, नक्सलवाद, छेत्रवाद का दंश झेल रहा है । अब आगे क्या होगा इसकी कल्पना नही कि जा सकती ।

Monday, November 16, 2009

अखंडता का खंड करने की साजिश

भारतीय संविधान में एकता और अखंडता का उल्लेख प्रस्तावना में दर्ज है। भारत का कोई भी नागरिक देश में कही भी निर्वाध रूप से रह सकता है और जीविकोपार्जन कर सकता है । लेकिन आज जो देश के अन्दर हिन्दी भाषियों के साथ हो रहा है । महाराष्ट्र विधान सभा के अन्दर मनसे द्वारा कृत्य किया गया उसे देखकर ऐशा लगा की जब भारत में भारतीय सुरछित नही है तो आस्ट्रेलिया में कैसे रह सकते है । जब आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रो पर हमला हुआ तो पूरा देश चिल्लाया लेकिन जब यही घटना महाराष्ट्र में हुआ तो देसवाशी मौन क्यो हो गए । क्या राज ठाकरे संविधान से ऊपर हो गये है या बाबा भीमराव आंबेडकर के संबिधान को भूल गये।

Friday, November 6, 2009

प्रभाष जी को अन्तिम प्रणाम

पत्रकारिता को दिए नूतन नित्य प्रकाश
कलमकार दमदार थे जोशी बड़े प्रभाष
जोशी बड़े प्रभाष, काल दे गया गवाही
हार न माने कभी लेखनी-वीर सिपाही
दिव्यदृष्टि में भी लाये जो बरबस आंसू
वह मसिजीवी ही पाये श्रद्धांजलि धांसू

Friday, September 18, 2009

देर से आया दुरुस्त आया

नक्सलियो से लोहा लेने की सरकार की रणनीति में भले ही देर हुआ लेकिन दुरुस्त हुआ देश की नक्सल प्रभावित राज्यों में लोगो की जो स्थिति हुई है उससे पूरा देश सर्मसार है .क्या सरकार एसे लोगो को जीने का अधिकार नही दे सकती केन्द्र सरकार अपरेसन कोबार की जो रणनीति अपनाईवह कबीले तारीफ है पहले बंगाल के लालगढ़ फिर छत्तीसगढ़ के दंत्तेवाडा में सैनिकोनस अपरेसन कोबरा के तहत जो करवाई की उससे नक्सलियो के हौसले परस्त हो जायेगे आज देस जितना आतंकवाद से परेशान है उससे ज्यादा नक्सलवाद से .कहावत भी है की मुझे अपनों ने मारा गएरो में कहा दम थी तो इस अभियान के लिए केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम बभी के पत्र hai

Monday, September 7, 2009

रिपोर्टिग पर सुप्रीमकोर्ट नाखुश

मीडिया द्वारा अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग को लेकर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने सोमवार को कहा कि मीडिया द्वारा की गई रिपोर्टिंग अक्सर संदर्भ से बाहर होती है, जो न्यायाधीशों के लिए अपने बचाव का कोई अवसर नहीं छोड़ती।न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू ने कहा कि एक न्यायाधीश किसी रिपोर्ट के बारे में कुछ कह नहीं सकते अथवा स्पष्टीकरण नहीं दे सकते। हमें उन्हें वैसा ही पचाना पड़ता है। यह हमारी संस्कृति नहीं है कि प्रेस के पास जाएं और कहें॥। उन्होंने कहा कि यह हमारी संस्कृति है कि मैं प्रेस के पास नहीं जा सकता। पीठ में न्यायमूर्ति ए।के. गांगुली भी थे। विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों के संबंध में याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पीठ की अप्रसन्नता सामने आई। पीठ ने चिंता जताई कि पत्रकार उन चीजों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं, जो फैसले का हिस्सा नहीं है। जो चीजें फैसले का हिस्सा नहीं है, उनकी रिपोर्टिंग नहीं होनी चाहिए। ए काफी संवेदनशील मुद्दे हैं।न्यायमूर्ति गांगुली ने कहा कि पत्रकारों की भी यही जिम्मेदारी है। उन्हें अदालती कार्यवाही की पवित्रता को बनाए रखना होगा।

Thursday, September 3, 2009

मौत खीच कर ले गई

आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर के निधन से समूचा देश आहत है .इस हादसे के पीछे लापरवाही है या दैवीय संयोग एस तरह की अनेक घटनाये हुई है लेकिन ऐसा नही हुआ था माधव राव सिंधिया हो या ओ पी जिंदल सभी का मौत एक संयोग था जिसके पीछे यही कहा जाता रहा की भगवन को मंजूर नही था लेकिन रेड्डी का मौत इस बात का प्रमाण है कि आखिर एसे समय में क्यो गए जब मौसम ख़राब था हेलीकाप्टर में खराबी थी । क्या उन्होंने जानबूझ कर गए कि मौत खीच कर ले गई .

Tuesday, September 1, 2009

फ़िर विवाद

जिन्ना का जिन् भाजपा के लिए घातक अडवानी के लिए सांसत और राजनाथ के लिए आफत लेकिन जसवंत की बल्ले बल्ले भाजपा अभी भी यद् कर रही है