Wednesday, June 16, 2010

कुछ तो करो नहीं तो सब बिक जायेगा

अगले वर्ष के शुरुआत में कुछ राज्यों में आसन्न विधानसभा चुनावों के बीच निर्वाचन आयोग ने बुधवार को चिंता जाहिर करने के साथ ही अधिकारियों को चुनाव संबंधी रिपोर्टो की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए। निर्वाचन आयोग ने १६ जून २०१० को कहा कि पेड न्यूज की हालिया प्रवृत्ति स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के संचालन के संबंध में चिंता पैदा कर रही है जो चिंताजनक अनुपात में है और गंभीर चुनावी अनियमितता है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को दिए अपने निर्देश में निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से इस मामले में मीडिया पर कड़ी नजर रखने को भी कहा। आयोग ने कहा कि जिले में प्रसारित और प्रकाशित सभी समाचारपत्रों की कड़ी जांच पड़ताल के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी चुनाव की घोषणा होते ही जिला स्तरीय समितियों का गठन कर सकते हैं ताकि न्यूज कवरेज की आड़ में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का पता लगाया जा सके। निर्वाचन आयोग के इस पहल का हर कोई सराहना करता है लेकिन यह कितना लागू होगा उस पर सब की निगाहे है । मीडिया मालिको पर जब तक अंकुस नहीं लगेगा तब तक इस तरह का खेल होता रहेगा । निगरानी के बाद दंड की भी ब्यवस्था होनी चाहिए।

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