Monday, November 16, 2009
अखंडता का खंड करने की साजिश
भारतीय संविधान में एकता और अखंडता का उल्लेख प्रस्तावना में दर्ज है। भारत का कोई भी नागरिक देश में कही भी निर्वाध रूप से रह सकता है और जीविकोपार्जन कर सकता है । लेकिन आज जो देश के अन्दर हिन्दी भाषियों के साथ हो रहा है । महाराष्ट्र विधान सभा के अन्दर मनसे द्वारा कृत्य किया गया उसे देखकर ऐशा लगा की जब भारत में भारतीय सुरछित नही है तो आस्ट्रेलिया में कैसे रह सकते है । जब आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रो पर हमला हुआ तो पूरा देश चिल्लाया लेकिन जब यही घटना महाराष्ट्र में हुआ तो देसवाशी मौन क्यो हो गए । क्या राज ठाकरे संविधान से ऊपर हो गये है या बाबा भीमराव आंबेडकर के संबिधान को भूल गये।
Friday, November 6, 2009
प्रभाष जी को अन्तिम प्रणाम
पत्रकारिता को दिए नूतन नित्य प्रकाश
कलमकार दमदार थे जोशी बड़े प्रभाष
जोशी बड़े प्रभाष, काल दे गया गवाही
हार न माने कभी लेखनी-वीर सिपाही
दिव्यदृष्टि में भी लाये जो बरबस आंसू
वह मसिजीवी ही पाये श्रद्धांजलि धांसू
कलमकार दमदार थे जोशी बड़े प्रभाष
जोशी बड़े प्रभाष, काल दे गया गवाही
हार न माने कभी लेखनी-वीर सिपाही
दिव्यदृष्टि में भी लाये जो बरबस आंसू
वह मसिजीवी ही पाये श्रद्धांजलि धांसू
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