Friday, September 18, 2009
देर से आया दुरुस्त आया
नक्सलियो से लोहा लेने की सरकार की रणनीति में भले ही देर हुआ लेकिन दुरुस्त हुआ देश की नक्सल प्रभावित राज्यों में लोगो की जो स्थिति हुई है उससे पूरा देश सर्मसार है .क्या सरकार एसे लोगो को जीने का अधिकार नही दे सकती केन्द्र सरकार अपरेसन कोबार की जो रणनीति अपनाईवह कबीले तारीफ है पहले बंगाल के लालगढ़ फिर छत्तीसगढ़ के दंत्तेवाडा में सैनिकोनस अपरेसन कोबरा के तहत जो करवाई की उससे नक्सलियो के हौसले परस्त हो जायेगे आज देस जितना आतंकवाद से परेशान है उससे ज्यादा नक्सलवाद से .कहावत भी है की मुझे अपनों ने मारा गएरो में कहा दम थी तो इस अभियान के लिए केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम बभी के पत्र hai
Monday, September 7, 2009
रिपोर्टिग पर सुप्रीमकोर्ट नाखुश
मीडिया द्वारा अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग को लेकर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने सोमवार को कहा कि मीडिया द्वारा की गई रिपोर्टिंग अक्सर संदर्भ से बाहर होती है, जो न्यायाधीशों के लिए अपने बचाव का कोई अवसर नहीं छोड़ती।न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू ने कहा कि एक न्यायाधीश किसी रिपोर्ट के बारे में कुछ कह नहीं सकते अथवा स्पष्टीकरण नहीं दे सकते। हमें उन्हें वैसा ही पचाना पड़ता है। यह हमारी संस्कृति नहीं है कि प्रेस के पास जाएं और कहें॥। उन्होंने कहा कि यह हमारी संस्कृति है कि मैं प्रेस के पास नहीं जा सकता। पीठ में न्यायमूर्ति ए।के. गांगुली भी थे। विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों के संबंध में याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पीठ की अप्रसन्नता सामने आई। पीठ ने चिंता जताई कि पत्रकार उन चीजों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं, जो फैसले का हिस्सा नहीं है। जो चीजें फैसले का हिस्सा नहीं है, उनकी रिपोर्टिंग नहीं होनी चाहिए। ए काफी संवेदनशील मुद्दे हैं।न्यायमूर्ति गांगुली ने कहा कि पत्रकारों की भी यही जिम्मेदारी है। उन्हें अदालती कार्यवाही की पवित्रता को बनाए रखना होगा।
Thursday, September 3, 2009
मौत खीच कर ले गई
आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर के निधन से समूचा देश आहत है .इस हादसे के पीछे लापरवाही है या दैवीय संयोग एस तरह की अनेक घटनाये हुई है लेकिन ऐसा नही हुआ था माधव राव सिंधिया हो या ओ पी जिंदल सभी का मौत एक संयोग था जिसके पीछे यही कहा जाता रहा की भगवन को मंजूर नही था लेकिन रेड्डी का मौत इस बात का प्रमाण है कि आखिर एसे समय में क्यो गए जब मौसम ख़राब था हेलीकाप्टर में खराबी थी । क्या उन्होंने जानबूझ कर गए कि मौत खीच कर ले गई .
Tuesday, September 1, 2009
फ़िर विवाद
जिन्ना का जिन् भाजपा के लिए घातक अडवानी के लिए सांसत और राजनाथ के लिए आफत लेकिन जसवंत की बल्ले बल्ले भाजपा अभी भी यद् कर रही है
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